सोने पर रोक की अपील और बाजार में उछाल, आखिर क्यों उल्टा पड़ गया दांव…. जानें क्या है असली वजह

 नई दिल्ली: विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत रखने के मकसद से प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने और ईंधन खर्च घटाने की अपील की थी। सरकार ने ईंधन बचत को लेकर कदम भी तेज किए, लेकिन सोने के बाजार में तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है। मांग कम होने के बजाय तेजी से बढ़ती दिख रही है।

अपील के बाद बढ़ी खरीदारी, ज्वेलरी दुकानों पर उमड़ रही भीड़

जहां उम्मीद थी कि लोग सोने की खरीद से दूरी बनाएंगे, वहीं हकीकत यह है कि बाजार में खरीदारी का माहौल और गरम हो गया है। खासकर शादी सीजन के चलते ज्वेलरी शॉप्स पर भीड़ बढ़ गई है। लोगों के लिए सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक परंपरा से जुड़ा निवेश भी है, इसलिए वे खरीदारी टालने के मूड में नहीं दिख रहे।

क्या डर ने बढ़ा दी मांग, पैनिक बाइंग का असर साफ

विशेषज्ञ मानते हैं कि अपील का मनोवैज्ञानिक असर भी सामने आया है। कुछ लोगों के मन में यह आशंका बैठ गई है कि आगे चलकर सोने की बिक्री पर कड़े नियम या सीमाएं लग सकती हैं। इसी डर ने पैनिक बाइंग को बढ़ावा दिया है। जून से अगस्त के बीच शादियों की भरमार रहती है, ऐसे में मांग और तेज हो गई है।

उद्योग जगत भी हैरान, बढ़ती बिक्री ने बदली तस्वीर

All India Gem and Jewellery Domestic Council के चेयरमैन Rajesh Rokde के मुताबिक, सामान्य दिनों की तुलना में ज्वेलरी की बिक्री में स्पष्ट उछाल आया है। उद्योग संगठन अब इस स्थिति को लेकर स्पष्टता पाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से बातचीत की पहल कर रहा है।

इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ी, फिर भी नहीं थमी रफ्तार

सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है, ताकि आयात कम हो और विदेशी मुद्रा पर दबाव घटे। इसके बावजूद बाजार में तेजी बनी हुई है।

कीमतों में जबरदस्त उछाल, निवेशकों की भी बढ़ी दिलचस्पी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने के दाम में करीब 11 हजार रुपये और चांदी में लगभग 22 हजार रुपये की तेजी दर्ज की गई है। बढ़ती कीमतों के बावजूद निवेशकों का रुझान कम नहीं हुआ है। कई लोग इसे लंबी अवधि का सुरक्षित निवेश मानकर खरीदारी कर रहे हैं।

आगे क्या होगा, बाजार में बढ़ती बेचैनी

मौजूदा हालात ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अपील और सख्ती के बावजूद सोने की मांग काबू में आ पाएगी या फिर कीमतें नई ऊंचाइयों को छुएंगी। फिलहाल बाजार में उत्साह के साथ-साथ अनिश्चितता भी बनी हुई है, जो आने वाले दिनों में बड़े बदलाव का संकेत दे रही है।

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