3 सितंबर को बदल सकता है मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश के साथ 65 KM की रफ्तार से चल सकती है हवा

 छत्तीसगढ़ : मानसून का असर अभी कमजोर नहीं पड़ा है। 3 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। ऐसे में घर से निकलने से पहले मौसम का हाल जानना लोगों के लिए जरूरी होगा।

इन जिलों में तेज बारिश और आंधी का खतरा

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बलरामपुर, सरगुजा, मनेंद्रगढ़, सूरजपुर, रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, जांजगीर-चांपा, दुर्ग, कोरबा और महासमुंद समेत कई जिलों में मौसम बिगड़ सकता है।बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की गति करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा।

आंधी और बिजली से बचने के लिए बरतें सावधानी

खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। पेड़ों, बिजली के खंभों और अन्य ऊंचे ढांचों के पास खड़े रहना भी जोखिम भरा हो सकता है।तेज हवा के दौरान पेड़ों की कमजोर शाखाएं टूटकर गिर सकती हैं। सड़कों के किनारे खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसलिए आंधी के समय सुरक्षित स्थान पर रहना ज्यादा बेहतर होगा।

निम्न दबाव के कारण कई हिस्सों में जारी है बारिश

गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र का प्रभाव उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा है। इसके चलते प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का सिलसिला बना हुआ है।बलरामपुर जिले में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। चांदो में 150 MM, रामचंद्रपुर में 120 MM, जबकि रामानुजगंज और वाड्रफनगर में 80-80 MM बारिश दर्ज की गई। बलरामपुर, कुसमी और समरी में भी 70-70 MM बारिश रिकॉर्ड हुई।

धान की फसल को फायदा, सब्जी किसानों की बढ़ी चिंता

लगातार हो रही बारिश से धान की खेती करने वाले किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि जरूरत से ज्यादा बारिश ने सब्जी उत्पादकों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने और फसलों को नुकसान होने का खतरा बना हुआ है।

शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ा, एनीकट पर बह रहा पानी

दुर्ग में लगातार बारिश के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ गया है। महमरा एनीकट पर करीब डेढ़ फीट पानी ऊपर से बह रहा है। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने 12 गेट खोल दिए हैं।ऐसे में नदी और जलभराव वाले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

  • Related Posts

    बिलासपुर हाई कोर्ट पहुंचा शिक्षक के जीपीएफ कटौती का मामला, कोर्ट की सख्ती के बाद खाते में जमा हुई पूरी राशि

    बिलासपुर। पीएमश्री आत्मानंद विद्यालय मस्तूरी में पदस्थ लेक्चरर संजय पांडेय के वेतन से जीपीएफ के नाम पर काटी गई राशि उनके खाते में जमा नहीं किए जाने का मामला छत्तीसगढ़…

    Read more

    महिला मित्र से मिलने पहुंचे युवक की पीट-पीटकर हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार और तीसरे की तलाश जारी

    छ्त्तीसगढ़ के रायगढ़ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पर अपनी महिला मित्र से मिलने एक युवक को इतना महंगा पड़ गया कि उसे अपनी जान से हाथ…

    Read more